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सुमित्रानन्दन पंत द्वारा रचित इस कविता में एक बालिका के मन की सुखद अभिलाषा प्रगट की गई है कि वह अपने घर में सबसे छोटी रहे ताकि उसे अपनी माता का भरपूर प्यार प्राप्त होता रहे।
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License:[Source CIET ]June 7, 2021, 5:27 p.m.

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