×
A-  A A+
यह कविता हिमालय पर्वत की अडिगता से प्रेरणा लेते हुए कहती है कि हमें भी हिमालय की तरह दृढ , अडिग और अविचलित रहना चाहिए।
More Info
License:[Source CIET ]June 7, 2021, 5:27 p.m.

New comment(s) added. Please refresh to see.
Refresh ×
Comment
×

×