×
A-  A A+
इस कविता में कवि ने बसन्त ऋतु के आगमन पर प्रसन्नता को प्रगट किया है और अपने चिरंजीवी होने की कामना भी की है। इस कविता का ये काव्यवाचन है।
License:[Source CIET ]June 7, 2021, 5:27 p.m.

New comment(s) added. Please refresh to see.
Refresh ×
Comment
×

×