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ध्वनि - अभी न होगा मेरा अंत - सूर्यकान्त त्रिपाठी निराला- गीत:

इस कविता में कवि ने बसन्त ऋतु के आगमन पर प्रसन्नता को प्रगट किया है और अपने चिरंजीवी होने की कामना भी की है। इस कविता का ये काव्यवाचन है।
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