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ठाकुर का कुआँ:

यह कहानी "ठाकुर का कुआँ" एक औरत गंगी की दुर्दशा दर्शाती है जो अपने बीमार पति के लिए साफ़ पानी नहीं ला पाती है। ये कहानी जात-पात की प्रथा के खिलाफ आलोचना है।
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License:[Source CIET, NCERT ]Aug. 12, 2020, 12:49 p.m.
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