×
A-  A A+

काले बादल:


View in full screen
सुमित्रानंदन पंत द्वारा रचित कविता काले बादल पर आधारित है, इसमें घने काले बादलों की तुलना मानव समाज पर मँडराती विपत्तियों से की गई है तथा इन बादलों के बीच चमकती चाँदी की रेखा जैसी बिजली को आशा की किरण के समान बताया गया है।
More Info
License:[Source CIET, NCERT ]Feb. 20, 2017, 11:41 a.m.
Download

New comment(s) added. Please refresh to see.
Refresh ×
Comment
×

×